
Religion &
Philosophy
यह आत्मिक विकास , अज्ञेय से जुड़ाव, और भौतिक अस्तित्व से परे मेरी चेतना की व्यक्तिगत यात्रा है , जिसके द्वारा मैं मूलभूत सत्य की खोज करता हूँ This is my personal journey of spiritual growth, connection with the unknown, and transcendence beyond material existence, through which I seek the fundamental truth.
वाणी के चार स्तर
जो आप बोलते हैं आपकी वाणी (वाक्) के चार स्तर: वैखरी, मध्यमा, पश्यन्ती और परा…
त्रिशूल : एक दार्शनिक विवेचना
त्रिशूल : एक दार्शनिक विवेचना त्रिशूल भगवान शिव का केवल आयुध नहीं है, बल्कि वह…
अर्धचन्द्र (Half Moon)
अर्धचन्द्र (Half Moon): निष्कलुष मन का प्रतीक भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में प्रतीक केवल सौंदर्य या…
हिरण्यगर्भ सूत्र
हिरण्यगर्भ सूत्र, ब्रह्मवाद और सृष्टि का वैज्ञानिक दृष्टिकोण ऋग्वेद में वर्णित हिरण्यगर्भ सूत्र सृष्टि की…
संतुलन और समन्वय
संतुलन और समन्वय : ईशावास्योपनिषद् बहुत छोटा उपनिषद् है, पर इसमें अत्यन्त गहरे दार्शनिक संकेत…
गणेश
श्री गणेश जी सर्वस्वरूप, परात्पर परब्रह्म साक्षात् परमात्मा हैं । गणेश शब्द का अर्थ है…
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