Mind–Matter Physics
ब्रायन जोसेफसन कौन हैं ? Brian David Josephson
ब्रिटेन के प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी हैं। सन 1973 में उन्हें Nobel Prize in Physics मिला। उन्होंने Josephson Effect की खोज की, जो सुपरकंडक्टर भौतिकी में महत्वपूर्ण सिद्धांत है। वे लंबे समय तक University of Cambridge के Cavendish Laboratory में प्रोफेसर रहे। नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद उनका अनुसंधान mind, consciousness और physics के संबंध पर चला गया।

Mind–Matter Unification Project क्या है ?,
ब्रायन जोसेफसन ने 1996 में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की Cavendish Laboratory में “Mind–Matter Unification Project” शुरू किया।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य था:

मन (consciousness) और भौतिक पदार्थ (matter) के बीच संबंध समझना
क्या चेतना केवल मस्तिष्क की भौतिक प्रक्रिया है या प्रकृति में कोई गहरी “बुद्धिमत्ता” मौजूद है
क्या quantum mechanics चेतना को समझाने में भूमिका निभा सकती है
इसका व्यापक लक्ष्य था:
“प्रकृति में मौजूद बुद्धिमान प्रक्रियाओं को समझना”।
- इस शोध के मुख्य विषय हैं-
(1) Consciousness और Physics
जोसेफसन का विचार था कि भविष्य में विज्ञान को चेतना को भी भौतिक सिद्धांतों के साथ जोड़ना पड़ेगा।वे मानते थे कि: मस्तिष्क केवल जैविक मशीन नहीं है । चेतना प्रकृति की गहरी संरचना से जुड़ी हो सकती है
(2) Quantum Mechanics और Mind
उन्होंने सुझाव दिया कि: Quantum entanglement जैसे सिद्धांत जटिल प्रणालियों में संगठन (complex systems) को हम mind-matter interaction को समझा सकते हैं।
(3) Parapsychology और असामान्य घटनाएँ
जोसेफसन ने कुछ अन्य क्षेत्रों में भी रुचि दिखाई, जैसे:
ESP (extrasensory perception)
telepathy
psychokinesis
water memory आदि
उनका मानना था कि विज्ञान को इन घटनाओं को पूरी तरह नकारने के बजाय उनका अध्ययन और अनुसंधान करना चाहिए।
(4) Eastern Philosophy और Meditation
1970 के बाद उन्होंने महर्षि महेश योगी के Transcendental Meditation प्रैक्टिस की और भारतीय दर्शन तथा हिन्दू आध्यात्मिक परंपराओं में भी रुचि ली और माना कि मानव चेतना के अध्ययन में इनका योगदान है।
वैज्ञानिक जोसेफसन का कहना है कि विज्ञान को हर नई संभावनाओं के लिए खुला होना चाहिए।
Cavendish Laboratory का यह research project यह समझने की कोशिश करता है कि: क्या मन और पदार्थ अलग-अलग हैं या एक ही वास्तविकता के दो रूप । क्या quantum physics और consciousness में कोई गहरा संबंध है । क्या कुछ असामान्य मानसिक घटनाएँ भी प्राकृतिक नियमों से समझी जा सकती हैं। अब इस अनुसंधान प्रोजेक्ट में neuroscience को भी जोड़ लिया गया है ।
