Ashok Tiwari

सभ्यताओं का संघर्ष:

सभ्यताओं का संघर्ष: जब विचारधाराएँ कॉकपिट तक पहुँच जाती हैं- अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक सैमुएल पी. हंटिंग्टन की प्रसिद्ध पुस्तक The Clash of Civilizations and the Remaking of World Order ने 1996 में विश्व राजनीति को देखने का एक प्रभावशाली सिद्धांत प्रस्तुत किया। उनका मूल तर्क था कि शीतयुद्ध के बाद दुनिया में संघर्ष केवल राष्ट्रों

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ऑप्टो जेनिटिक्स

Optogenetics अभी मुख्यतः research technology है। इसे सामान्य रूप से मनुष्यों में depression, Parkinson’s या अन्य brain diseases का routine treatment नहीं माना जाता। लेकिन इसके आधार पर कई संभावित therapeutic applications पर research चल रही है। विशेष रूप से vision restoration (दृष्टि वापस लाने) के क्षेत्र में optogenetic approaches पर काम हो रहा है।

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वैज्ञानिक इरावती कर्वे

वैज्ञानिक इरावती कर्वे: जब वैज्ञानिक तथ्यों ने नस्लीय श्रेष्ठता के सिद्धांत को चुनौती दी वर्ष 1928 में, भारत की एक 22 वर्षीय युवती मानवशास्त्र (Anthropology) का अध्ययन करने के लिए बर्लिन पहुँची। वह यूरोप के उन प्रमुख संस्थानों में से एक में शोध करने आई थी, जहाँ मानव नस्लों के वर्गीकरण और उनकी कथित श्रेष्ठता-अश्रेष्ठता

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कार्बन सीमा समायोजन व्यवस्था।

जब कोई बिजलीघर कोयला जलाता है, कोई फैक्ट्री सीमेंट बनाती है या कोई उद्योग प्राकृतिक गैस का उपयोग करता है, तो उससे कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी ग्रीनहाउस गैसें निकलती हैं। ये गैसें ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने में योगदान देती हैं।इन उत्सर्जनों को कम करने के लिए भारत में कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (Carbon Credit Trading Scheme

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देवी सम्पदा के 28 लक्षण

श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित देवी सम्पदा के 28 लक्षण : श्रेष्ठ एवं आदर्श जीवन का आधार श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 16 में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दैवी और आसुरी सम्पदा का वर्णन करते हुए बताया है कि मनुष्य के वास्तविक व्यक्तित्व और उसकी आध्यात्मिक उन्नति का आधार उसके गुण, विचार, आचरण और व्यवहार होते हैं। दैवी

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ब्लॉक यूनिवर्स थ्योरी

ब्लॉक यूनिवर्स थ्योरी के अनुसार, समय के अतीत, वर्तमान और भविष्य को वास्तविकता के एक ही विशाल ढाँचे के अलग-अलग हिस्सों के रूप में समझा जा सकता है। इस दृष्टिकोण में समय केवल लगातार आगे बहने वाली चीज़ नहीं है, बल्कि वह अंतरिक्ष की तरह ब्रह्मांड की संरचना का एक आयाम है। यह विचार आइंस्टीन

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गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक

गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में मंत्र केवल कुछ शब्दों का उच्चारण नहीं है। मंत्र एक चेतना-साधना है—ऐसी साधना, जिसमें शब्द धीरे-धीरे विचार बनते हैं, विचार आचरण को प्रभावित करते हैं और आचरण अंततः व्यक्तित्व का निर्माण करता है। गायत्री मंत्र इसी दृष्टि से भारतीय आध्यात्मिक

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Never Too Late to Be Great

सप्ताह की पुस्तक :Never Too Late to Be Greatलेखक: Tom Butler-Bowdonउपशीर्षक: The Power of Thinking Long इस पुस्तक का मूल विचार बहुत सरल लेकिन गहरा है—महान उपलब्धियों के लिए उम्र से अधिक महत्वपूर्ण है समय-दृष्टि (long-term perspective), धैर्य, अनुभव और लगातार प्रयास। लेखक अनेक वास्तविक जीवन-कथाओं के माध्यम से बताते हैं कि सफलता का कोई

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एक मुट्ठी अनाज और बड़ा संकल्प

🌱 एक मुट्ठी अनाज और बड़ा संकल्प गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा जब समाज में जनजागरण और रचनात्मक कार्यों के लिए निकला करते थे, तब उनके पास साधन बहुत सीमित थे। वे लोगों से कहते थे कि बड़े परिवर्तन के लिए बड़े साधनों की नहीं, बड़े संकल्प की आवश्यकता होती है। एक बार किसी व्यक्ति ने

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यदि ब्रह्मांड के नियम बदल जाये ?

यदि ब्रह्मांड के नियम बदल जाये ? ऋत से परे: क्वांटम गुरुत्व की दुनिया में मनुष्य कल्पना कीजिए कि हम ऐसे ब्रह्माण्ड में रहते हैं जहाँ गुरुत्वाकर्षण कोई स्थिर और मौन शक्ति नहीं, बल्कि क्वांटम स्तर पर स्पंदित होने वाला एक जीवंत संगीत है। जहाँ गुरुत्व का प्रत्येक कण, प्रत्येक तरंग और प्रत्येक संभावना अपने

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