गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक
गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में मंत्र केवल कुछ शब्दों का उच्चारण नहीं है। मंत्र एक चेतना-साधना है—ऐसी साधना, जिसमें शब्द धीरे-धीरे विचार बनते हैं, विचार आचरण को प्रभावित करते हैं और आचरण अंततः व्यक्तित्व का निर्माण करता है। गायत्री मंत्र इसी दृष्टि से भारतीय आध्यात्मिक […]
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