Ashok Tiwari

गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक

गायत्री जप : संख्या से साधना और साधना से आत्मप्रकाश तक भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में मंत्र केवल कुछ शब्दों का उच्चारण नहीं है। मंत्र एक चेतना-साधना है—ऐसी साधना, जिसमें शब्द धीरे-धीरे विचार बनते हैं, विचार आचरण को प्रभावित करते हैं और आचरण अंततः व्यक्तित्व का निर्माण करता है। गायत्री मंत्र इसी दृष्टि से भारतीय आध्यात्मिक […]

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Never Too Late to Be Great

सप्ताह की पुस्तक :Never Too Late to Be Greatलेखक: Tom Butler-Bowdonउपशीर्षक: The Power of Thinking Long इस पुस्तक का मूल विचार बहुत सरल लेकिन गहरा है—महान उपलब्धियों के लिए उम्र से अधिक महत्वपूर्ण है समय-दृष्टि (long-term perspective), धैर्य, अनुभव और लगातार प्रयास। लेखक अनेक वास्तविक जीवन-कथाओं के माध्यम से बताते हैं कि सफलता का कोई

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एक मुट्ठी अनाज और बड़ा संकल्प

🌱 एक मुट्ठी अनाज और बड़ा संकल्प गुरुदेव आचार्य श्रीराम शर्मा जब समाज में जनजागरण और रचनात्मक कार्यों के लिए निकला करते थे, तब उनके पास साधन बहुत सीमित थे। वे लोगों से कहते थे कि बड़े परिवर्तन के लिए बड़े साधनों की नहीं, बड़े संकल्प की आवश्यकता होती है। एक बार किसी व्यक्ति ने

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यदि ब्रह्मांड के नियम बदल जाये ?

यदि ब्रह्मांड के नियम बदल जाये ? ऋत से परे: क्वांटम गुरुत्व की दुनिया में मनुष्य कल्पना कीजिए कि हम ऐसे ब्रह्माण्ड में रहते हैं जहाँ गुरुत्वाकर्षण कोई स्थिर और मौन शक्ति नहीं, बल्कि क्वांटम स्तर पर स्पंदित होने वाला एक जीवंत संगीत है। जहाँ गुरुत्व का प्रत्येक कण, प्रत्येक तरंग और प्रत्येक संभावना अपने

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डिजिटल सहयोग

डिजिटल सहयोग एवं मानव + AI संचार: भविष्य के कार्यस्थल की नई कार्यसंस्कृति आज AI केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि एक ऐसा सहयोगी (Collaborative Partner) बनता जा रहा है जो मनुष्य के साथ मिलकर कार्य कर सकता है। भविष्य में प्रतिस्पर्धा मनुष्य और AI के बीच नहीं होगी, बल्कि उन लोगों के बीच

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निर्माण सुरक्षा में नवाचार एवं आधुनिक तकनीक

आज निर्माण उद्योग (Construction Industry) केवल ईंट, सीमेंट और स्टील तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक तकनीक ने इसे अधिक सुरक्षित, तेज़, कुशल और टिकाऊ बना दिया है। यदि निर्माण कार्य में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता न दी जाए तो दुर्घटनाएँ, जनहानि, आर्थिक नुकसान तथा परियोजना में विलंब जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती

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भारत की सांस्कृतिक चेतना

भारत की सांस्कृतिक चेतनाभारत की सांस्कृतिक चेतना कोई स्थिर वस्तु नहीं, बल्कि एक सतत बहती हुई नदी है, जिसमें सहस्राब्दियों के विचार, विश्वास और अनुभव विलीन होते रहे हैं। यह चेतना किसी एक दर्शन, एक मत या एक कालखंड की उपज नहीं, बल्कि अनेकता में एकता की उस गहन साधना का परिणाम है, जिसे भारतीय

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एजाइल मैनेजमेंट (Agile Management)

एजाइल मैनेजमेंट (Agile Management) आज के समय में तकनीक, बाजार और ग्राहकों की अपेक्षाएँ बहुत तेजी से बदल रही हैं। ऐसे अनिश्चित और गतिशील वातावरण में किसी भी संगठन के लिए केवल पारंपरिक प्रबंधन पद्धतियाँ पर्याप्त नहीं रह गई हैं। ऐसी परिस्थितियों में एजाइल मैनेजमेंट एक प्रभावी कार्यशैली के रूप में उभरा है, जो संस्थाओं

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चेवांग नोरफेल

चेवांग नोरफेल भारत के उन महान नवप्रवर्तकों में से हैं जिन्होंने विज्ञान और तकनीक का उपयोग समाज की सबसे बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए किया। उन्हें “आइस मैन ऑफ इंडिया” के नाम से जाना जाता है। वे लद्दाख के एक सिविल इंजीनियर हैं, जिन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा अभिनव कार्य किया जिससे

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महाकाल : स्पेस-टाइम से परे अनंत चेतना का दार्शनिक स्वरूप

महाकाल : स्पेस-टाइम से परे अनंत चेतना का दार्शनिक स्वरूप “काल सबको निगलता है, पर जिसे काल भी स्पर्श न कर सके, वही महाकाल है।” भारतीय दर्शन में “महाकाल” कोई मात्र देवता या पौराणिक प्रतीक नहीं, बल्कि अस्तित्व की उस परम सत्ता का नाम है जो समय, स्थान, कारण और परिणाम की समस्त सीमाओं से

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