Book Reviews

संस्कृत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Rick Briggs)

संस्कृत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Rick Briggs) — NASA के वैज्ञानिक Dr.Rick Briggs के प्रसिद्ध पेपर “Knowledge representation in Sanskrit and Artificial Intelligence” का सारांश प्रस्तुत है, जिसमें विशेष रूप से संस्कृत भाषा की विशेषताएँ और उसकी उपयोगिता को विस्तार से समझाया गया है। (2) स्पष्ट कारक प्रणाली (Case System)संस्कृत में 8 कारक होते हैं: कर्ता […]

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सप्ताह की पुस्तक : The Kybalion

सप्ताह की पुस्तक : The Kybalion: The Original – Seven Hermetic Principles लेखक Elias Rubenstein हरमेटिक सिद्धांत (Hermetic Principles) एक दार्शनिक-आध्यात्मिक परंपरा है, जिसका संबंध प्राचीन रहस्यवादी ज्ञान से माना जाता है। यह परंपरा मुख्यतः एक प्रतीकात्मक ऋषि-पुरुष Hermes Trismegistus से जोड़ी जाती है, जिन्हें यूनानी देवता Hermes और मिस्र के देवता Thoth का संयुक्त

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निर्णय व अनुभव

जीवन में घटने वाली कोई भी घटना वास्तव में निरर्थक नहीं होती। मनुष्य प्रायः अपने अतीत के कुछ निर्णयों या संबंधों को देखकर यह सोचता है कि उसने अपना समय, ऊर्जा या विश्वास व्यर्थ कर दिया। परंतु दार्शनिक दृष्टि से देखा जाए तो प्रत्येक अनुभव मनुष्य के व्यक्तित्व-निर्माण की एक आवश्यक कड़ी होता है। मनुष्य

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हमारी सीमित इन्द्रियाँ और अनदेखा ब्रह्मांड

हमारी सीमित इन्द्रियाँ और अनदेखा ब्रह्मांड हमारा अनुभव, हमारी जानकारी और हमारी समझ उस संसार तक ही सीमित है जिसे हम अपनी इन्द्रियों से अनुभव कर सकते हैं। पर क्या यही सम्पूर्ण वास्तविकता है? विज्ञान का उत्तर है – “नहीं।” दृश्य और श्रव्य सीमा की परिधि मानव आँखें विद्युतचुम्बकीय वर्णक्रम (Electromagnetic Spectrum) के केवल एक

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तत्त्वार्थ सूत्र

तत्त्वार्थ सूत्र  जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन ग्रंथ है, जिसे आचार्य उमास्वामी (या उमास्वाति) ने संस्कृत में रचा था। यह ग्रंथ जैन दर्शन का पहला व्यवस्थित सूत्ररूप ग्रंथ है, जो दोनों जैन संप्रदायों—दिगंबर और श्वेतांबर—द्वारा मान्य है। इसमें मोक्ष मार्ग, आत्मा, कर्म, ज्ञान, आचरण आदि विषयों पर गूढ़ किंतु संक्षिप्त सूत्रों में

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माइंडफुलनेस

Mindfulness (माइंडफुलनेस) क्या है? माइंडफुलनेस (Mindfulness) का अर्थ है पूर्ण जागरूकता और वर्तमान क्षण में पूरी तरह उपस्थित रहना। यह एक मानसिक अवस्था है, जिसमें हम बिना किसी जजमेंट के अपने विचारों, भावनाओं और शरीर की अनुभूतियों को पूरी तरह से स्वीकार करते हैं। यह बौद्ध ध्यान (Meditation) से प्रेरित एक प्राचीन भारतीय तकनीक है,

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सभ्यताओं के टकराव (Clash of Civilizations)

सैमुअल हंटिंगटन एक प्रसिद्ध अमेरिकी राजनीति विज्ञानी (Political Scientist) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों, लोकतंत्र, सैन्य नीति और सभ्यताओं के टकराव (Clash of Civilizations) पर अपने सिद्धांतों के लिए प्रसिद्ध हैं। “The Clash of Civilizations and the Remaking of World Order” (1996) में सैमुअल हंटिंगटन ने तर्क दिया कि शीत युद्ध

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“द सबटल आर्ट ऑफ़ नॉट गिविंग ए फ*क”

“द सबटल आर्ट ऑफ़ नॉट गिविंग ए फ*क” – मार्क मैनसन यह किताब हमें यह सिखाती है कि हमें अपनी ऊर्जा और ध्यान केवल उन्हीं चीजों पर लगाना चाहिए जो हमारे लिए सच में मायने रखती हैं। लेखक का तर्क है कि हम हर चीज़ की चिंता नहीं कर सकते और न ही हमें करनी

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बुलशिट जाब्स

“Bullshit Jobs” – David Graeber (डेविड ग्रैबर) पुस्तक परिचय:डेविड ग्रैबर की “Bullshit Jobs” एक समाजशास्त्रीय पुस्तक है, जो इस विचार को प्रस्तुत करती है कि आधुनिक समाज में कई नौकरियाँ पूरी तरह व्यर्थ हैं। लेखक तर्क देते हैं कि पूँजीवाद और नौकरशाही ने ऐसे काम पैदा कर दिए हैं, जो उत्पादकता में कोई योगदान नहीं

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नीरा आर्या

नीरा आर्या भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी थीं, जो आज़ाद हिंद फौज की पहली महिला गुप्तचर (जासूस) थीं। उनका जन्म 5 मार्च 1902 को हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ था। उनके पिता सेठ चुन्नीलाल बड़े व्यवसायी थे। नीरा जी की शादी ब्रिटिश सरकार के वफादार एक पुलिस इंस्पेक्टर श्रीनिवास आर्या से हुई थी। स्वतंत्रता संग्राम में

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