Ashok Tiwari

5000 साल पुरानी कुकिंग की किताब

5000 साल पुरानी कुकिंग की किताब :  राजा नल द्वारा लिखित ‘पाक दर्पण’ राजा नल , जिनका जिक्र महाभारत में आता है , जिनकी नल दमयंती प्रेम कथा बड़ी प्रसिद्ध है ।  बहुत कम लोगो को मालूम है कि राजा नल बहुत अच्छे शेफ भी थे । उन्होंने खाना बनाने के बारे में एक किताब […]

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संत रविदास

संत रविदास ऐसे महान संतों में थे जिन्होंने कर्म को ही पूजा मानकर ईश्वर को पाने का रास्ता बताया। गुरु रविदास ने काम, क्रोध, लोभ, अहंकार और ईष्र्या को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु माना है- काम क्रोध माइआ मद मतसर/ इन पंचहु मिलि लूटे/ इन पंचन मेरो मनु जु बिगारिओ। अर्थात ये पांचों शत्रु

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सहज बनिये, सरल बनिये

यदि आप सरल हैं, सहज हैं, आनंद से भरे हैं तो यह गुण संभाल कर रखिए। और जिनको ऐसे सम्बन्धी, सहकर्मी या मित्र मिले हैं उन्हें सहेज कर रखिए। आप नहीं जानते कि आपके लिए जाने-अनजाने यह अमृत कलश के समान हैं जो तमाम कटुता और दुःख के प्रभाव को मिटाकर आपको प्रेम और शांति 

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शिवरात्रि पर -2

सम्पूर्ण सृष्टि शिव का नृत्य है, सारी सृष्टि चेतना सिर्फ एक चेतना। उस एक बीज, एक चेतना के नृत्य से  सारे विश्व में लाखो हजारों प्रजातियाँ प्रकट हुई हैं| इसलिए यह असीमित सृष्टि शिव का नृत्य है – “शिव तांडव”; वह चेतना जो परमानन्द, मासूम, सर्वव्यापी है और वैराग्य प्रदान करती है, वह शिव है|

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शिवरात्रि पर -1

शिवरात्रि ही क्यों? शिव दिन क्यों नहीं ? रात्रि का अर्थ वह जो आपको अपनी गोद में लेकर सुख और विश्राम प्रदान करे | रात्रि हर बार सुखदायक होती है, सभी गतिविधियां ठहर जाती हैं, सब कुछ स्थिर और शांतिपूर्ण हो जाता है, पर्यावरण शांत हो जाता है, शरीर थकान के कारण निद्रा में चला

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क्षत्रपति शिवाजी महाराज

क्षत्रपति शिवाजी महाराज ने भारत की प्राचीन राज्यव्यवस्था का और राजधर्म का बड़ी गहराई से अवलोकन किया था । उन्होंने अपने यौवन का सदुपयोग जहां बड़ी बड़ी जीतों को प्राप्त करने में किया , वहीं उन्होंने भारतीय राजधर्म की शिक्षा लेने के लिए भी अपना मूल्यवान समय लगाया । यही कारण रहा कि वह भारत

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पाई

आपस्तम्भ सूत्र , जिसका रचना काल  150 BCE माना जाता है , में एक श्लोक है –  गोपीभाग्यम ध्रुवात   श्रंगिशोदधिसंधिग्  खलजीवित  खाताब  गलहालारसंधर इन पंक्तियों में कृष्ण और शंकर  की स्तुति की गयी है पर वैदिक गणित के अनुसार यह कूट भाषा में पाई PI का मान है और यह मान दशमलव के बत्तीसवे स्थान

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सप्त मातृका

सप्त मातृका ‘मातृका’ का मूल शब्द ‘मातृ’ है जिसका अर्थ है ‘माँ’। यह माना जाता है कि उनमें वह शक्ति है जो मातृ गुणों का प्रतीक है और इस ब्रह्मांड की सभी शक्तियों की रक्षक, प्रदाता और पालनकर्ता भी है। जैसे पृथ्वी की हर चीज सूर्य से अपनी स्रोत ऊर्जा प्राप्त करती है, वैसे ही

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रमा खंडवाला:

रमा खंडवाला:  सिर्फ एक टूर गाइड नहीं, वह नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिंद फौज में सेकंड लेफ्टिनेंट भी थी अगर अपने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा अभिनीत “जब हैरी मेट सेजल” देखी होगी तो उसमें एक टूर गाइड की भूमिका में एक वृद्धा को एक छोटे से,  मगर यादगार रोल में भी देखा

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वांचिनाथन

वांचिनाथन : (इतिहास की किताबों से गायब एक और वीर)  सन 1911 में तमिलनाडु के तिरुनेलवेली का कलेक्टर था रोबर्ट विलियम अशे । अशे एक दम्भी क्रूर अधिकारी था । साम्राज्यवाद का पोषक और भारतीयों को जानवरों से भी निम्न समझना उसकी सोच थी।  जिले की जनता का निर्दयता से दमन करना और स्वदेशी आंदोलन

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