क्वांटम कम्प्यूटर व वैदिक गणित

प्रसिद्ध पत्रिका NATURE में प्रकाशित IBM के वैज्ञानिक नूरलल्लाह ज़ाहिद और मोहम्मद मोसलेह की रिपोर्ट- Synthesis of a reversible quantum Vedic multiplier on IBM quantum computers के कुछ बिंदु –

डिजिटल परिपथों में गुणा (Multiplication) एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। भारतीय वैदिक गणित में वर्णित ऊर्ध्व-तिर्यक्भ्याम् (Urdhva-Tiryakbhyam) सूत्र पर आधारित Vedic Multiplier अपनी गति और दक्षता के कारण प्रसिद्ध है। किंतु अब तक विकसित अधिकांश Quantum Multipliers में Quantum Cost (QC), Gate Count (GC), Garbage Outputs (GO) तथा Constant Inputs (CI) अधिक थे, जिससे उनका व्यावहारिक उपयोग सीमित हो जाता था।

इस शोध का मुख्य उद्देश्य वैदिक गणित का उपयोग कर इन कमियों को दूर करते हुए एक अधिक कुशल, कम लागत वाला तथा Parity-Preserving Reversible Quantum Vedic Multiplier विकसित करना था।

यह शोध Quantum Computing और Vedic Mathematics के संगम का उत्कृष्ट उदाहरण है। लेखकों ने वैदिक गणित का उपयोग कर एक नया J-Block विकसित किया जो Parity-Preserving, Reversible तथा अत्यंत कम Quantum Cost वाला है। इसी आधार पर उन्होंने Half Adder-Subtractor, 2-बिट तथा 4-बिट Quantum Vedic Multipliers निर्मित किए।

क्वांटम कम्प्यूटर में वैदिक गणित उपयोग करने पर पाई गई मुख्य उपलब्धियाँ:
Quantum Cost में 20–23% तक कमी
Gate Count में 42–55% तक कमी
Garbage Outputs में उल्लेखनीय कमी
बेहतर Fault Detection

IBM Quantum Computers पर सफल कार्यान्वयन
इस शोध से यह सिद्ध होता है कि वैदिक गणित के सिद्धांत आधुनिक Quantum Computing में भी अत्यंत उपयोगी हो सकते हैं। भविष्य में यही तकनीक बड़े Quantum Arithmetic Units, Quantum Signal Processors तथा Quantum AI Hardware के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है ।

पेपर की लिंक

https://www.nature.com/articles/s41598-025-00494-5

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