Religion and Philosophy

दीपावली

 “भारत” शब्द का एक आध्यात्मिक और गूढ़ अर्थ “प्रकाश में रत” या “ज्ञान में लीन” भी है। इस व्याख्या के अनुसार “भा” का अर्थ “प्रकाश” या “ज्ञान” और “रत” का अर्थ “लगा हुआ” या “लीन” होता है। इस प्रकार, “भारत” का अर्थ होता है वह देश या भूमि जहाँ लोग ज्ञान, प्रकाश और सत्य की […]

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भगवान धन्वंतरि

 धन्वंतरि को भारतीय चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद के जनक के रूप में जाना जाता है। उनका योगदान स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। धन्वंतरि का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों और पुराणों में किया गया है, जहाँ उन्हें देवताओं के वैद्य का दर्जा प्राप्त है। आयुर्वेद के माध्यम से उन्होंने मानव जीवन को

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महा पराशक्ति

महा पराशक्ति  शाक्त परंपराओं के अनुसार, त्रिपुर सुंदरी आदि देवियां महापराशक्ति की भौतिक अवतार हैं। वह आसुर को नष्ट करने के लिए इस ब्रह्माण्ड के ऊपर अन्य ब्रह्माण्ड मणिद्वीप से आईं, बाद में कामाक्षी पराभट्टारिका के रूप में कामकोटि पीठ में निवास करने लगीं। उनके निवास को चित्रात्मक रूप से श्री चक्र के रूप में

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भारतवर्ष

“भारतवर्ष”  भारत में भा का अर्थ ज्ञान रूपी प्रकाश और रत का अर्थ जुटा हुआ, खोजी या लीन। इस तरह भारत का अर्थ होता है जो लोग इस भूमि पर ज्ञान की खोज में लगे रहते हैं। दूसरा अर्थ है जो भरत के वंशज हैं। इसमें वर्ष का अर्थ है एक वर्षा ऋतु से दूसरी

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जन्माष्टमी पर

विष्णोर्नु कं॑ वीर्य॑णि॒ प्र वो॑चं॒ यः पार्थिवनी विम॒मे रजां॑सि। यो अस्क॑भय॒दुत्तिरं स॒धस्थं॑ विचक्र्मा॒णस्त्रे॒धोरु॑गा॒यः विष्णोर्नु कं वीर्यणि प्र वोचं यः पार्थिवनि विम्मे रजांशी। यो अस्कभायदुत्तरं सधस्थं विचक्रमानस्त्रेधोरुगायः विशोर नु कां वीर्यानि प्रा वोकां यां पार्थिवनि विममे राजंसी | यो अस्कभयद उत्तरम साधस्थां विक्रमांस त्रेधोरुगय: || (ऋग्वेद विष्णुसूक्त  1.1.154.1 ) ################# उक्त सूक्त से पता चलता है

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माँ तारा

माँ तारा  बौद्ध धर्म मे देवी तारा अत्यंत प्रमुख शक्ति हैं । जिन्हें बोधिसत्व का स्त्री रूप माना जाता है । इन्हें अनेक बौद्ध देशों में बुद्ध की पत्नी के रूप में पूजा जाता है । सनातन धर्म मे तारा देवी को दुर्गा का एक रूप माना गया है ।  ध्यायेत् कोटि-दिवाकरद्युति-निभां बालेन्दुयुक्छेखरां रक्ताङ्गीं रसनां

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मन

मन : इंसान की सबसे बड़ी भूल एक ये भी है कि उसको अपनी शारिरिक क्षमताओं का आभास और स्वीकार तो होता है ,  लेकिन मानसिक क्षमताओं का न आभास होता है न स्वीकार । जैसे प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक शक्ति की अपनी एक क्षमता है ऐसे ही मानसिक शक्ति की क्षमता है । और

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श्री गणेश जी

श्री गणेश जी सर्वस्वरूप, परात्पर परब्रह्‌म साक्षात्‌ परमात्मा हैं । गणेश शब्द का अर्थ है जो समस्त जीव-जाति के “ईश” अर्थात्‌ स्वामी हैं । धर्मपरायण भारतीय जन वैदिक एवं पौराणिक मंत्रों द्वारा अनादि काल से इन्हीं अनादि तथा सर्वपूज्य भगवान गणपति की पूजा करते आ रहे हैं । हृदय से उपासना करने वाले भक्‍तों को

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शिवत्व

ब्रह्मांड की जो टोटल एटर्नल इंटर्नल एनर्जी है या रैंडमनैस या एंट्रापी है ..आप ग्रे मैटर भी कह सकते हैं , वही शिव है जिसका सिंबोलिक मैनिफैस्टेशन शिवलिंगम् है.. सत्य आराध्य तो है किंतु वह शिवम के साथ संयुक्त होकर ही सुन्दर बन पाता है.. शिवम् = शिव और अहम् । अर्थात मैं शिव हूँ

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नवागुंजारा

भगवान नवागुंजारा Navagunjara : यह कहानी महाभारत से है। अज्ञातवास के दौरान अर्जुन एक जंगल मे ध्यान योग कर रहे थे। तभी उनके सामने एक अजीब सा जीव आया जो नौ जीवों का मिश्रण था। वो तीन पैरों पर खड़ा था। उसका एक पैर  हाथी का था, दूसरा पैर चीता का औऱ तीसरा घोड़े का और

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