शुभ और अशुभ
जीवन में शुभ और अशुभ का सतत संघर्ष रहता है। गीता में अर्जुन के धर्मसंकट को शुभ और अशुभ के बीच संघर्ष का उदाहरण माना जा सकता है। शुभ सार्वभौमिक है या सापेक्ष? भारतीय परंपरा में यह मान्यता है कि शुभ की मूल प्रकृति सार्वभौमिक है, लेकिन इसके व्यावहारिक स्वरूप को संदर्भ विशेष के आधार […]








